Angular does internally compile directive

Below is the corresponding code using the $compile service. This should help give you an idea of what Angular does internally.

var $compile = ...; // injected into your code
var scope = ...;
var parent = ...; // DOM element where the compiled template can be appended

var html = '
'
; // Step 1: parse HTML into DOM element var template = angular.element(html); // Step 2: compile the template var linkFn = $compile(template); // Step 3: link the compiled template with the scope. var element = linkFn(scope); // Step 4: Append to DOM (optional) parent.appendChild(element);
Advertisements

केले खाते समय सावधान

🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌
सभी से विनती है कि , इस मेसेज को ध्यान से पढ़ें और विचार करें तत्पश्चात ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को फॉर्वर्ड करें २५/- से ३०/- रु डज़न इस दर से मृत्यु बेची जा रही है. मेरी सबसे विनती है कि सावधान रहें .

मित्रों हम सभी केले पसंद करते हैं और इनका भरपूर स्वाद उठाते हैं परंतु अभी बाज़ार में आने वाले केले कार्बाइडयुक्त पानी में भिगाकर पकाए जा रहे हैं , इस प्रकार के केले खाने से १००% कॅन्सर या पेट का विकार हो सकता है. इसलिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें और ऐसे केले ना खाएँ .

परंतु केले को कार्बाइड का उपयोग करके पकाया है इसे कैसे पहचानेंगे :-

यदि केले को प्राकृतिक तरीके से पकाया है तो उसका डंठल काला पड जाता है और केले का रंग गर्द पीला हो जाता है . कृपया नीचे दिए फोटो को देखें साथ ही केले पर थोड़े बहुत काले दाग रहते हैं . परंतु यदि केले को कारबाइड का इस्तेमाल करके पकाया गया है तो उसका डंठल हरा होगा और केले का रंग लेमन यलो अर्थात नींबुई पीला होगा इतना ही नही ऐसे केले का रंग एकदम साफ पीला होता है उसमे कोई दाग धब्बे नहीं होते कृपया नीचे दिए फोटो को देखें.

कारबाइड आख़िर क्या है , यदि कारबाइड को पानी में मिलाएँगे तो उसमें से उष्मा (हीट) निकलती है और अस्यतेलएने गॅस का निर्माण होता है जिससे गाँव देहातों में गॅस कटिंग इत्यादि का काम लिया जाता है अर्थात इसमें इतनी कॅलॉरिफिक वॅल्यू होती है की उससे एल पी गी गॅस को भी प्रतिस्थापित किया जा सकता है . जब किसी केले के गुच्छे को ऐसे केमिकल युक्त पानी में डुबाया जाता है तब उष्णता केलों में उतरती है और केले पक जाते हैं , इस प्रक्रिया को उपयोग करने वाले व्यापारी इतने होशियार नहीं होते हैं कि उन्हें पता हो की किस मात्रा के केलों के लिए कितने तादाद में इस केमिकल का उपयोग करना है बल्कि वे इसका अनिर्बाध प्रयोग करते हैं जिससे केलों में अतिरिक्त उष्णता का समावेश हो जाता है जो हमारे पेट में जाता है जिससे कि :-

1. पाचन्तन्त्र में खराबी आना शुरू हो जाती है , 2. आखों में जलन , 3. छाती में तकलीफ़ , 4. जी मिचलाना , 5. पेट दुखना , 6. गले मैं जलन , 7. अल्सर , 8. तदुपरांत ट्यूमर का निर्माण भी हो सकता है .

इसीलिए अनुरोध है की इस प्रकार के केलों का बहिष्कार किया जाए , इसी तरीके से आमों को भी पकाया जा रहा है परंतु जागरूकता से महाराष्ट्र में इस वर्ष लोगों ने कम आम खाए तब जा के आम के व्यापारियों की आखें खुली , अतः यदि कारबाइड से पके केलों और फलों का भी हम संपूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे तो ही हमें नैसर्गिक तरीके से पके स्वास्थ्यवर्धक केले और फल बेचने हेतु व्यापारी बाध्य होंगे अन्यथा हमारा स्वास्थ्य ख़तरे मैं है ये समझा जाए .

कृपया जन जागृति के लिये अविलंब फ़ॉर्वर्ड करें ।

मृत्यु के बाद भी पुण्य कमाने के 7 (सात) आसान उपाय

यह मेसेज बहुत खास है, कृपया बीच में पढना न छोड़ें , पुरा पढें |

🌳
मृत्यु के बाद भी पुण्य कमाने के 7 (सात) आसान उपाय ।

.🔜 (1)= किसी को धार्मिक ग्रन्थ भैंट करे जब भी कोई उसका पाठ करेगा आप को पुण्य मिलेगा ।

🔜(2)= एक व्हीलचेयर किसी अस्पताल मे दान करे जब भी कोई मरीज उसका उपयोग करेगा पुण्य आपको मिलेगा।

श🔜(3)= किसी अन्नक्षेत्र के लिये मासिक ब्याज वाली एफ. डी बनवादे जब भी उसकी ब्याज से कोई भोजन करेगा आपको पुण्य मिलेगा

🔜 (4)=किसी पब्लिक प्लेस पर वाटर कूलर लगवाएँ हमेशा पुण्य मिलेगा।

🔜(5)= किसी अनाथ को शिक्षित करो वह और उसकी पीढ़ियाँ भी आपको दुआ देगी तो आपको पुण्य मिलेगा।
याद रहे औलाद तो अपना हक समझती है जरा भी कमी रह जाय तो मरणोपराँत भी गाली देती है कि हमारे लिये किया ही क्या।

🔜(6)= अपनी औलाद को परोपकारी बना सके तो सदैव पुण्य मिलता रहेगा।

🔜( 7)= सबसे आसान है कि आप ये बाते औरों को बताये किसी एक ने भी अमल किया तो आपको पुण्य मिलेगा…..

सबसे पहले सेंड करदो , क्यूंकि जबतक कोई यह MSG पढ़ता रहेगा ,स्वर्ग में आप के नाम के पुण्य के 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 लगते रहेगे और आपको 🍎🍏🍊🍋🍒🍇🍉🍓🍑🍈🍌🍐🍍 मिलते रहेंगे इसलिये रुकिये नही निरंतर लगे रहिये.

ॐ सभी को नमस्कार क्याआपको पता है अगर आप चाइना की राखी खरीदेंगे तो

ॐ सभी को नमस्कार क्याआपको पता है अगर आप चाइना की राखी खरीदेंगे तो हमारा देश का पैसा चीन जाता है फिर वो चीन उसपैसे से हथियार से ही हमारी फ़ौज पर हमला करते है हमारे फौजी भाइयों पर वार करते है व्यापारी से कहिए, भारतीय राखी दिखाइए….. कृपया भारत में निर्मित ही ले ‪#‎saynochinese‬ ‪#‎rakhi‬ ‪#‎madeinbharat‬ ‪#‎madeinidia‬

रीना कोहली,मुंबई अंधेरी में दो जवान बच्चों की मां, उसके हाथ पर एक चाइनाकीराखी कीवजह से हुआहादसा | दो महीने पहले वह खबरों के बाद चीनी खिलौने से दूर अपने बच्चों को छुड़ाना चाहतीहै क्योंकि उनके रंग में इस्तेमाल नेतृत्व बच्चों के मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रहा है

html5 local and session storage

With HTML5, web pages can store data locally within the user’s browser.

Earlier, this was done with cookies. However, Web Storage is more secure and faster. The data is not included with every server request, but used ONLY when asked for.

The data is stored in name/value pairs, and a web page can only access data stored by itself. Unlike cookies, the storage limit is far larger (at least 5MB) and information is never transferred to the server.

The difference between localStorage and sessionStorage involves the lifetime and scope of the storage.

Data stored through localStorage is permanent: it does not expire and remains stored on the user’s computer until a web app deletes it or the user asks the browser to delete it. SessionStorage has the same lifetime as the top-level window or browser tab in which the script that stored it is running. When the window or tab is permanently closed, any data stored through sessionStorage is deleted.

Both forms of storage are scoped to the document origin so that documents with different origins will never share the stored objects. But sessionStorage is also scoped on a per-window basis. If a user has two browser tabs displaying documents from the same origin, those two tabs have separate sessionStorage data: the scripts running in one tab cannot read or overwrite the data written by scripts in the other tab, even if both tabs are visiting exactly the same page and are running exactly the same scripts.